रायपुर : महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के 9 लोगों की मौत की खबर से प्रदेश में शोक की लहर है। हादसे में छोटे बच्चों की भी जान गई है। घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
CM साय ने कहा- प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के जरिए हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के कई नागरिकों, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
घायलों के इलाज और परिवारों की मदद के लिए अधिकारी भेजे
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे में घायल छत्तीसगढ़ के नागरिकों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ से अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल के लिए भेजी गई है।
महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी जताया दुख
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी भंडारा सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के नागरिकों सहित कई लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हादसे में बच्चों सहित छत्तीसगढ़ के कई नागरिकों के निधन की खबर अत्यंत हृदयविदारक है और इस दुखद घटना से मन व्यथित है।
उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
हादसे के बाद राहत और बचाव पर सरकार की नजर
भंडारा में हुए इस हादसे के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक मदद पहुंचाने के लिए महाराष्ट्र प्रशासन के साथ समन्वय तेज कर दिया है। अधिकारियों की टीम घटनास्थल और अस्पताल में स्थिति की जानकारी लेगी तथा जरूरत के मुताबिक प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में सहयोग करेगी।